Shilpee Prasad Apr 16
तूफान के बाद, घर की चारदीवारी कुछ खिरकियां और टूटा दरवाजा। अधुरी उम्मीदें कशमकश कुछ नए जज़्बात खुला आसमान और नई संभावनाएं। कुछ तिनके मुठ्ठी भर हौसला एक नया घिरौंदा झरोखे और खुला दरवाजा। Shilpee