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Vedic Upasana Peeth
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Vedic Upasana Peeth 17h
नवरात्रके समय होनेवाली चूकोंको टालकर भावपूर्वक करें साधना (भाग-५) आजकल नवरात्रमें होटलोंमें फलाहारी थाली मिलती है जिसमें अनेक पकवान होते हैं । कुछ लोग जो व्रत करते हैं वे इसे बडे चावसे खाते हैं............आगे पढें..............
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Vedic Upasana Peeth Oct 22
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Vedic Upasana Peeth Oct 22
नवरात्रके समय होनेवाली चूकोंको टालकर भावपूर्वक करें साधना (भाग-४) आजकल अधिकांश लोग दुर्गा मांको जो चुनर चढाते हैं, वह कृत्रिम धागेकी अर्थात सिन्थेटिक वस्त्रकी होती है.......आगे पढें.............
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Vedic Upasana Peeth Oct 21
दुःखोंके कारण कुपुत्रके स्थानपर संन्यासी सुपूत्र अधिक योग्य है आज अधिकांश माता-पिता अपने बच्चोंको साधनासे इसलिए दूर रखते हैं, क्योंकि उन्हें भय होता है कि कहीं वह पूर्ण कालिक साधक या संन्यासी न बन जाएं..........आगे पढें...........
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Vedic Upasana Peeth Oct 21
कर्तापनकी भावना न रखेंं ! आज कर्तापनकी भावना अत्यधिक बढ गई है; इसीलिए आज अनेक कुटुम्बके मुखियाको मात्र अपने चार सदस्योंवाले कुटुम्बको.............आगे पढें..........
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Vedic Upasana Peeth Oct 21
ब्राह्मणों! मद्यपान करना ही हो तो पुरोहिताई छोड दें ! मैंने पाया है कि आजकल कुछ ब्राह्मण जो कर्मकाण्ड करते हैं वे मद्यपान करते हैं ! दो वर्ष पूर्व मैं दिसम्बरके माहमें काशी गई थी........आगे पढें.............
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Vedic Upasana Peeth Oct 21
आजका पंचांग २२ अक्टूबर २०२० का वैदिक पंचांग कलियुग वर्ष – ५१२२ / विक्रम संवत – २०७७ / शकवर्ष -१९४२...... आजके पंचांगके सम्बन्धमें और जानकारी हेतु इस लिंकपर जाएं.......
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Vedic Upasana Peeth Oct 21
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Vedic Upasana Peeth Oct 20
धर्मधारा सम्पूर्ण सृष्टि एक विशाल कर्मक्षेत्र है ! सम्पूर्ण सृष्टि एक विशाल कर्मक्षेत्र है । चींटीसे लेकर मनष्यतक सभी इस कर्मभूमिमें प्रकृति प्रदत्त गुण अनुरूप क्रियाशील रहते हैं ! अर्थात इस सृष्टिमें अकर्मण्य कोई नहीं । - (पू) तनुजा ठाकुर, संस्थापिका वैदिक उपासना पीठ
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Vedic Upasana Peeth Oct 20
देव स्तुति घोररुपे महारावे सर्वशत्रुभयङ्करि । भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ अर्थ : भयानक रूपवाली, घोर निनाद करनेवाली, सभी शत्रुओंको भयभीत करनेवाली तथा भक्तोंको वर प्रदान करनेवाली है देवी ! आप मुझ शरणागतकी रक्षा करें !
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Vedic Upasana Peeth Oct 20
आजका पंचांग २१ अक्टूबर २०२० का वैदिक पंचांग कलियुग वर्ष – ५१२२ / विक्रम संवत – २०७७ / शकवर्ष -१९४२.....आजके पंचांगके सम्बन्धमें और जानकारी हेतु इस लिंकपर जाएं.......
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Vedic Upasana Peeth Oct 20
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Vedic Upasana Peeth Oct 19
नवरात्रके समय होनेवाली चूकोंको टालकर भावपूर्वक करें साधना (भाग-३) नवरात्रके समय कुछ स्त्रियां नवकार मन्त्रका जप करती हैं । नवकार मन्त्र तेज तत्त्वसे सम्बन्धित होनेके कारण यदि कोई स्त्री जिसका आध्यात्मिक स्तर.......आगे पढें..............
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Vedic Upasana Peeth Oct 19
आजका पंचांग २० अक्टूबर २०२० का वैदिक पंचांग कलियुग वर्ष – ५१२२ / विक्रम संवत – २०७७ / शकवर्ष -१९४२......आजके पंचांगके सम्बन्धमें और जानकारी हेतु इस लिंकपर जाएं.......
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Vedic Upasana Peeth Oct 19
नवरात्रके समय होनेवाली चूकोंको टालकर भावपूर्वक करें साधना (भाग-२) आजकल कर्मकाण्ड हेतु शुद्ध पूजन सामग्रीका मिलना बहुत ही कठिन होता है और यदि मिलती भी है तो अधिक मूल्यकी होती है......आगे पढें...........
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Vedic Upasana Peeth Oct 19
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Vedic Upasana Peeth Oct 18
श्री दुर्गा देवीका नाम जप सुबह को ११:०० से १२.०० (11-12 noon) बजे तक होगा........आगे पढें..............
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Vedic Upasana Peeth Oct 18
नवरात्रिका व्रत वजन घटाने हेतु न करें ! एक साधकसे वार्तालापके मध्य जब मैंने पूछा कि आपका आध्यात्मिक स्तर पचास प्रतिशत है और आपको योग्य साधना ज्ञात है..........आगे पढें..................
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Vedic Upasana Peeth Oct 18
शास्त्र वचन यं हि न व्यथयन्त्येते पुरुषं पुरुषर्षभ । समदुःखसुखं धीरं सोsमृतत्वाय कल्पते ॥ अर्थ : भगवान श्रीकृष्ण अर्जुनसे कहते हैं, "हे पुरुषश्रेष्ठ ! दुःख-सुखको समान समझनेवाले जिस धीर पुरुषको ये इन्द्रिय और विषयोंके संयोग व्याकुल नहीं करते, वह मोक्षके योग्य होता है ।"
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Vedic Upasana Peeth Oct 18
देव स्तुति जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला । मूढता हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ अर्थ : आप मूर्खोंकी मूर्खताका नाश करती हैं और भक्तोंके लिए भक्तवत्सला हैं । हे देवी ! आप मेरी मूढताको हरें और मुझ शरणागतकी रक्षा करें !
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