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Drhemrajparihar { 15K } Aug 18
देश में के हाथ में की माला। किस किरदार पे सटीक बैठती है? RT,LIKE,REPLY
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🚩🇮🇳 रानी अग्रवाल 🇮🇳🚩 10 Apr 18
Replying to @OfficeOfHTL
जब देश की आन बान और शान बचाने में हमारे देश के जवान शहीद होते है असंख्य आंखों से बिखरे है समेटना बहुत मुश्किल था को,बेशकीमती थे और फिर वो कभी नही समेटे गये...
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🚩🇮🇳 रानी अग्रवाल 🇮🇳🚩 10 Apr 18
Replying to @OfficeOfHTL
❤️यूँ ही नही मिलते है गहराइयों में उतारना पड़ता है साहब तब कही जा कर है किसी के गले मे ,हाथों में ,माँगटीके में साहब... ❤️ दिलों से जुड़ी ,❤️
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RAJVEER PRATAP SINGH 20 Mar 17
लम्हा छोटा ही सही..गर सा खूबसूरत हो.. तो ......जिंदगी के मायने बदल जाएँगे @Dhakad_Chhori @Rajasthani_Girl
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👉 बदमाश 😎अहिर 👈 Feb 28
🕉️ जय श्री कृष्णा 🕉️💐🙏 👉रिश्ते की तरह होते होते हैं… कोई गिर भी जाये तो कर उठा लेना चाहिए, 👈😍😍 जय हिंद 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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Nikhi May 25
तो '' की होती है "" जाने की... हम तो "" हैं तुमको '' के रखेंगे अपनी "मोहब्बत" में!😍 ❤❤
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Kunaal Gehlot 27 Oct 16
को तो बिखर जाने की आदत है, लेकिन धागे की ज़िद होती है पिरोए रखने की !!
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भारत शर्मा (खोराजी) 12 Apr 16
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Narendra Shekhawat 31 Jul 17
जिस तरह हो,❤️❤️ 🌹 में कुछ सा,,💛💛 🌹 इसी तरह,💚💚 🌹 के दरम्यान हो .!!💝💝 🌹🌹💚💚💋LOVEGURU 💋💚💚🌹🌹
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K Purushottam 18 Sep 17
अगर आसमॉं की में मुझे भी हो तो मैं की दुकान से, तेरी तेरी लूँ
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sanjay jain खुली किताब May 24
को तो बिखर जाने की आदत है लेकिन धागे की ज़िद होती है पिरोए रखने की Dedicated to all my friends @Nikesh_pareek99 @ghonchu_gandhi
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विजय तिवारी (जनता की आवाज़)🕵🇮🇳 Mar 28
शब्दों को की तरह चुनकर ✍लिखतें हो..👌😊💐 जी की धार कभी कमजोर न हो...शुभ-आशिष 🙌 🙏🇮🇳
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ऐक मासुम ॐ 6 Jun 18
@shabd_khel_htl रीम_जीम रुत मेँ हम तुम हैं हैं की पे जब जैसा जल बरसे की ये लायी हैं वो जिसके लिए की ढेरों बढ़ाई
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Prakash Bajiya Nov 15
मैं सदैव मुझसे जुड़े हर एक को मेरी जीवन स्वरूपी में की तरह पिरोने और पिरोए रखने को रहता हूँ ।
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Anita Vyas 🇮🇳 🙏Nation first Nov 12
तेरा हो,, और बस... की तरह जाऊँ मैं,,,,,,,❤️❤️
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💗Pushpa 💗 Jul 6
💠कटीली पर ठहरी हुई ने बस यही बताया है ने साथ तो क्या कुदरत ने तुझे से सजाया है💠
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Ranaram Aajona Apr 12
माफ कीजिएगा, हमें हिरे, रतन, से वतन से प्यार हैं!
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Aaर्चna.....☺ Feb 20
वो ही था... जिसने छिपकर पूरा जीवन को दे दिया.. और ये मोती... अपनी पर इतराते रहे ....
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कुमारिकनिका Feb 5
क्यों रही हूं पता नही हूं या रही हूं। कुछ पहले एक माला की थी मेरे पास आजकल उसी से टूटे की धागे में पिरो रही हूं।
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Bhakti Bharat Jan 28
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