जीवा दत्ता Mar 26
D R CHALIA जज की कलम में जिंदगी और मोत का अधिकार है इसलिए जज को परमात्मा का छोटा रूप माना जाता है लेकिन जब वही किसी के साथ अन्याय करे तो उसे जज नहीं जल्लाद कहते है। जजों की जबाब देही तय हो।