Twitter | Search | |
paritosh tripathi
चींटियाँ लग गई हैं नमक के डिब्बे में, मैंने तुमसे कहा था कुछ भी छुआ ना करो...
4,368
Tweets
471
Following
4,691
Followers
Tweets
paritosh tripathi 24h
तुम सो जाया करो मेरा सीना ख़ाली रहता है
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 14
पलकें सिर्फ़ मुझे देखने के लिए खोलती हो मेरी तरह ,जानेमन तुम भी झूठ बोलती हो..
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
Rupam Sep 13
Replying to @Pparitosh1
Mama ji, Great to read 👏👏 हिंदी दिवस की शुभकामनाएं |
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
paritosh tripathi Sep 13
हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
Mohamad Akhtar Kamal Sep 13
Replying to @Pparitosh1
Good ... यही सत्य है बाक़ी सब मिथ्या है...
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 13
Replying to @mohamad_a_kamal
क्या संयोग है सहपाठी का पहला comment आया
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 13
हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
👉राज़ 👈 Sep 12
आ बैठ जिंदगी कहीं चाय ☕पीते है तू भी थक गई होगी, मेरी हसरतों का गला घोटते घोटते।।
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
Jyoti Tripathi Sep 12
सखी मैं आपकी पूरी करो अरदास स्वामी जी करो अब ख़त्म ख़ुशियों को मिला वनवास स्वामी जी तुम्हीं राधा कन्हैया की युगल छवि के उपासक हो कृपा मुझपर भी थोड़ी सी करो हरिदास स्वामी जी..! ✍️ज्योति त्रिपाठी वृंदावन ...कवि सम्मेलन
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
paritosh tripathi May 18
ना कमरे को पता है ना अंगनाई समझती है ... रिश्ता बस एक धागे का है ,पर वो हमें सगा भाई समझती है ..
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 12
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 12
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 12
साथ हो के भी साथ ना हो अजीब इश्क़ की कहानी है छू के भी भी छू नहीं पाता कभी जैसे पुरइन के पत्ते पे पानी है ..:
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 12
Replying to @journopriyanka5
Yess Kabhi kabhi left hi right hota hai
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
Komal Nahta Sep 11
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 11
Replying to @writeonj
An autobiography of a yogi
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 10
कोई भगवान को ऐसे ले गया कोई बेज़ुबान को ऐसे ले जा के भगवान लगने लगा...
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
लोकतंत्र की आवाज Sep 10
अख्तर और गुलजार साहब! अख्तर साहब को सुनकर भूलना मुश्किल होता है गुलजार साहब समझ में आते नहीं गर एक बार समझ में आ गए तो फिर ये जाते नहीं....
Reply Retweet Like
paritosh tripathi Sep 10
Bahut bahut shukriya
Reply Retweet Like
paritosh tripathi retweeted
Farookh Mohammad Sep 10
एक तस्वीर में न जाने कितने लफ्ज़ कैद हो गए। कितनी किताबें कितनी ज़बाने कितने फ़साने कैद हो गए।(फ़ारूख़)
Reply Retweet Like